स्थानरामकोट, अयोध्या धाम, उत्तर प्रदेश
नज़दीकी रेलवे स्टेशनअयोध्या धाम जंक्शन · 2.6 किमी
नज़दीकी हवाई अड्डाअयोध्या विमानतल · 12.2 किमी
दर्शनदर्शन 7:00–21:00, 12:00–13:00 बंद
अयोध्या में आज 22 सितंबर 2026
सूर्योदय की तिथिएकादशी, शुक्ल पक्षभाद्रपद
सूर्योदय और सूर्यास्त05:48 · 17:59
अगला बड़ा दिनदीपोत्सव5 नवंबर 2026 · 44 दिन बाद
अनुमानित भीड़शांत
मंदिर, जो अब भी बन रहा है
राम लला की प्राण प्रतिष्ठा 22 जनवरी 2024 को हुई, और पहली मंज़िल के राम दरबार की प्रतिष्ठा जून 2025 में। मंदिर का निर्माण सितंबर 2026 में पूर्ण घोषित किया गया, जबकि परिसर में संग्रहालय और सभागार का काम अब भी चल रहा है। आज आप जो देखते हैं, वह मूल रूप में पूरा है, पर वह ऐसे परिसर के भीतर है जो अभी बदल रहा है।
मंदिर रामकोट में उसी स्थल पर है, जिसे लेकर विवाद दशकों तक अदालतों में चला और 2019 में सर्वोच्च न्यायालय ने उसका निपटारा किया। हम वह इतिहास सीधे-सीधे रखते हैं, किसी पक्ष में खड़े हुए बिना।
निःशुल्क का अर्थ निःशुल्क ही है
साधारण दर्शन के लिए न बुकिंग चाहिए, न कोई शुल्क। पास केवल तीन आरतियों के लिए हैं, और ट्रस्ट अपने मुख्य पृष्ठ पर लिखता है कि उनके लिए वह कोई शुल्क नहीं लेता। यह एक बात याद रखने लायक है, क्योंकि इस नेटवर्क के बाक़ी मंदिरों के मुक़ाबले अयोध्या के नाम पर सबसे ज़्यादा फ़र्ज़ी बुकिंग वेबसाइटें, फ़र्ज़ी प्रसाद डिलीवरी और फ़र्ज़ी “वीआईपी पास” ऐप चलते हैं। अब तक दर्ज मामलों की सूची पास वाले पृष्ठ पर है।
नगरी साल में दो बार भर जाती है
वसंत में राम नवमी और दीपावली से पहले दीपोत्सव का सप्ताह — ये दो सबसे बड़े मौक़े हैं, और दीपोत्सव अब सरयू के घाटों पर राज्य सरकार का आयोजन बन चुका है, जिसमें लाखों दीप एक साथ जलाए जाते हैं। नवंबर में कार्तिक पूर्णिमा और उससे पहले की दो परिक्रमाएँ अपनी भीड़ लाती हैं। सारी तारीख़ें हमारे कैलेंडर में हैं।
यहाँ यात्रियों की संख्या भारत में सबसे तेज़ी से बढ़ी है: 2017 में उत्तर प्रदेश ने अयोध्या में कुछ लाख आगंतुक दर्ज किए थे, आज गिनती करोड़ों में होती है। योजना पुराने क़स्बे के आकार से नहीं, इसी हिसाब से बनाएँ।

यात्रा की तैयारी
मंदिर कहाँ है
आपके शहर से राम मंदिर कितनी दूर है
- वाराणसी से राम मंदिर 209 किमी · 3 घंटे 15 मिनट
- लखनऊ से राम मंदिर 137 किमी · 2 घंटे 10 मिनट
- दिल्ली से राम मंदिर 627 किमी · 9 घंटे 35 मिनट
- प्रयागराज से राम मंदिर 169 किमी · 2 घंटे 40 मिनट
- गोरखपुर से राम मंदिर 135 किमी · 2 घंटे 10 मिनट
- कानपुर से राम मंदिर 231 किमी · 3 घंटे 35 मिनट
- मथुरा से राम मंदिर 504 किमी · 8 घंटे 5 मिनट
आने वाले मेले और त्योहार
- 5नवंदीपोत्सव · सरयू के घाटों पर राज्य सरकार का दीपोत्सव, जब लाखों दीप एक साथ जलते हैं
- 8नवंदीपावली
- 17नवंचौदह कोसी परिक्रमा · अयोध्या की 42 किमी की परिक्रमा, जो रातभर चलती है
- 20नवंपंचकोसी परिक्रमा · छोटी भीतरी परिक्रमा, कार्तिक पूर्णिमा से दो दिन पहले
